बंगाली बाजार ओवरब्रिज की कमान अब आलोक रंजन ने थामी, मुख्यमंत्री से की मुलाकात

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Saharsa rail overbridge

Saharsa rail overbridge: सहरसा विधायक आलोक रंजन ने नीतीश कुमार से मुलाकात कर बंगाली बाजार रेल ओवरब्रिज का काम जल्द से जल्द शुरू करने की मांग

Saharsa rail overbridge : सहरसा विधायक आलोक रंजन झा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सहरसा बंगाली बाजार रेल ओवरब्रिज, सहरसा को नगर निगम का दर्जा दिए जाने सहित सहरसा में सैनिकों के सैनिक कल्याण बोर्ड की स्थापना करने की मांग की। विधायक आलोक रंजन ने मुख्यमंत्री से मिलकर सहरसा में विकराल रूप ले चुके जाम की समस्या से निदान दिलाने की मांग की। सहरसा शहर के बीचों बीच से रेल लाइन गुजरती है। रेल लाइन शहर को दो भागों में बांटती है। फाटक बंद होने से शहर में जाम विकराल रूप ले लेता है। लाखो लोगों की आवाजाही का रास्ता बंगाली बाजार रेल ढाला है। पिछले 2 दशक से कई बार शिलान्यास किया जा चुका है लेकिन अब तक काम शुरू नही होने से लोगों के मन मे सरकार और जन प्रतिनिधियों के प्रति प्रश्न चिन्ह लग गया है। आखिर क्या बजह से की बिहार के कई जिलों में कई ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गए लेकिन कोशी प्रमंडल का मुख्यालय होने के बाबजूद भी आज तक काम शुरू नही हो सका।

15 साल के NDA के शासन काल मे ओवरब्रिज का काम नही शुरू होने से जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी।

पिछले 15 वर्षों से बिहार में NDA की सरकार है लेकिन आज तक इसपर पहल नही हो पाई, चुनाव में नेता बड़े बड़े वादे कर जीतने के बाद ओवरब्रिज पर बात नही करते। इस बार सांसद और विधायक भी NDA के है लेकिन जनप्रतिनिधियों द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नही उठाने से लोगों में नाराजगी भी है। सहरसा के विधायक की पहल से उम्मीद जगी है क़ी ओवरब्रिज के बनने का रास्ता निकल सकेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर सहरसा MLA ने बंगाली बाजार रेल ओवरब्रिज को प्राथमिकता सूची में डालकर सहरसा को जाम से निजात दिलाने की मांग की।

सहरसा को नगर निगम बनाने की मांग

आलोक रंजन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कहा की सहरसा का विकास जिस रफ्तार से होना चाहिए था, उससे काफी पीछे है। सहरसा को नगर निगम का दर्जा दिए जाने की जरूरत है जिससे विकास की गति में तेजी आये। सहरसा नगर निगम के सभी मापदंड को पूरा करता है, निगम का दर्जा नही दिए जाने से जनप्रतिनिधियों के प्रति भी लोगों में नाराजगी है।

जिला सैनिक कल्याण बोर्ड का गठन सहरसा में करने की मांग।

जिला सैनिक कल्याण बोर्ड जो गृह विभाग के अंदर आता है। सीमांचल और मिथिलांचल में एक भी कार्यलय नही रहने से सैनिक/ पूर्व सैनिकों को इसका लाभ नही मिल पाता। सहरसा में सैनिक कल्याण बोर्ड का गठन करने से आस पास के जिलों के सैनिकों को इसका लाभ होगा।

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