छह घंटे में तय होता है पूर्णिया से सहरसा के बीच यातनाओं वाला सफर, जल्द ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की मांग

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Special Trains

लॉक डाउन खत्म होने के बाद अभी भी बिहार का एक ऐसा क्षेत्र जो ट्रेन परिचालन की उम्मीद कर रहा हैं। एक तरफ जहां कोविड स्पेशल ट्रेनों का परिचालन हो रहा है तो वही दूसरी तरफ कटिहार, पूर्णिया से सहरसबके बीच ट्रेन चलाने की मांग जोड़ पकड़ रही हैं। 22 मार्च से सहरसा से पूर्णिया के बीच ट्रेन परिचालन बंद है। लोक डाउन खत्म होने के बाद अभी तक सहरसा कटिहार रेलखंड पर एक भी सवारी गाड़ी का परिचालन शुरू नहीं हो सका है। पूजा स्पेशल के नाम पर केवल एक ट्रेन पूर्णिया कोर्ट से आनंद विहार के बीच चलाने कि घोषणा हुई है जो 20 अक्टूबर के बाद शुरू होकर 31 नवंबर तक चलेगी।

6 घंटे में तय करते है सफर, जल्द शुरू हो पूर्णिया सहरसा के बीच रेल

कोशी सीमांचल की बड़ी आबादी पंजाब हरियाणा में मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती है। कोरोना संकट एवं रोजगार की कमी के बीच मजदूर पूर्णिया, बनमनखी से सड़क मार्ग से सहरसा से पटना दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़ते है। पूर्णिया सहरसा के बीच सड़क की हालत इतनी खराब है कि 100 किमी का सफर तय करने में 6 से 7 घंटे लग जाते है। बड़ी संख्या में मजदूर सड़क मार्ग से 200 से 250 किराया देकर पूर्णिया से सहरसा के बीच 6 से 7 घंटे में सफर तय करते है। सहरसा और आस पास मधेपुरा और अन्य जिले के लोग इलाज के लिए पूर्णिया जाते है। ट्रेन बंद होने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों समेत लोगों की मांग है कि कोशी एक्सप्रेस और जानकी एक्सप्रेस का परिचालन जल्द शुरू किया जाय एवं पैसेंजर ट्रेनों की सेवा फिर से शुरू की जाए।

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