पुराने हो चुके गरीब रथ की ट्रेनो को हमसफर एक्सप्रेस में बदला जाएगा, यात्रियों को हो रही असुविधा

0
1281

गरीब रथ के कोचों को जल्द ही रेलवे बदलने जा रही है। बड़ी संख्या में रेलयात्री गरीब रथ से यात्रा करते है। लेकिन पुराने हो चुके ट्रेन के कोच यात्रियों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे है। रेल फैक्टरी में अब गरीब रथ के कोचों का बनना बंद हो चुका है। गरीब रेल यात्रियों के लिए 2005 में पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन गरीब रथ की शुरुवात हुई थी। देश भर में कुल 26 गरीब रथ की ट्रेनें चलती है। इनमें से ज्यादा ट्रेनो की हालत खराब है। जल्द से जल्द इन पुराने आईसीएफ के कोचों को बदलने की जरूरत है। कई बार यात्रियों द्वारा ट्रेन में हो रही असुविधा की शिकायत की गई है। इन सभी कोचों को रेलवे हमसफर एक्सप्रेस के कोचों में बदलने जा रही है। हालांकि रेल किराये में कोई बदलाव नही होगा।

2005 में सहरसा से खुली थी पहली गरीब रथ।

तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने देश की पहली गरीब रथ एक्सप्रेस सहरसा से अमृतसर के लिए रवाना की थी। समय के साथ साथ ट्रेन की हालत खराब होती चली गयी। साइड में तीन बर्थ होने से रेल यात्रियों को काफी परेशानी होती है। इन पुराने कोचों के साथ ज्यादा दिन तक ट्रेनो को चलाना संभव नही। मई या जून से रेलवे गरीब रथ की बोगियों को हमसफर एक्सप्रेस के रैक के साथ बदलने जा रही है। ताकि यात्रियों को हो रही परेशानी से राहत मिले।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here