सहरसा-पाटलिपुत्र जनहित एक्सप्रेस का विस्तार सुपौल तक करने की मांग, गढ़बरुआरी स्टेशन स्थित प्लेटफार्म का हुआ उद्घटान

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चुनाव से ठीक पहले फिर से पूरी हो चुकी रेल परियोजनाओं का उद्घाटन करने की होड़ लग गयी है। 1 दिसंबर 2019 को सहरसा से सुपौल के बीच बड़ी रेल लाइन का उद्घटान हो चुका है। इसी रेलखंड के गढ़ बरुआरी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 का 8 सितंबर 2020 को उद्घटान किया गया। सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामत और बिहार सरकार के ऊर्जा एवं मधनिषेध एवं उत्पाद निबंधन मंत्री विजेंदर यादव ने किया। रेलवे बोर्ड से मिले दिशा निर्देश के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्लेटफार्म का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्तीपुर डीआरएम अशोक माहेश्वरी, सीनियर डीसीएम सरस्वती चंद्र एवं सहरसा डीसीआई राजेश रंजन श्रीवास्तव मौजूद थे।

ऊर्जा मंत्री विजेंदर यादव ने ट्रेनों के विस्तार करने की मांग की।

बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री ने रेलवे का धन्यवाद दिया एवं उन्होंने कहा कि सहरसा सुपौल के बीच दो जोड़ी ट्रेनो का परिचालन किया जा रहा है। जल्द ही सहरसा से राघोपुर सहित कोशी महासेतु के रास्ते आसनपुर कुपहा तक ट्रेनें चलने लगेंगी जिसका उद्घटान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मंत्री ने कहा कि सुपौल में बहुत विकास हुआ है। जिला मुख्यालय होने के नाते सहरसा से पाटलिपुत्र जाने वाली जनहित एक्सप्रेस का विस्तार सुपौल तक किया जाए। इस मांग का समर्थन सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामत ने भी किया। इसके बाद उन्होंने नार्थ ईस्ट को जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण परियोजना सुपौल अररिया गलगलिया परियोजना में तेजी से काम करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि सुपौल से पिपरा तक अधिग्रहण पूरा होने के बाद कार्य शुरू है एवं त्रिवेणीगंज तक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अंतिम चरण में है। गढ़ बरुआरी रेलवे स्टेशन के अधीक्षक ने फीता काटकर प्लेटफार्म संख्या 1 और 2 का उद्घटान किया।

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