Plastic Ban in bihar: बिहार में सिंगल युज प्लास्टिक एवं थर्मोकोल पर लगा रोक, इस्तेमाल पर होगी जेल

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Plastic Ban in bihar

Plastic Ban in bihar बिहार में सिंगल युज प्लास्टिक पर पूरी तरह से बैन लग चुका है, इस्तेमाल पर होगी जेल एवं जुर्माना

बिहार में सिंगल युज प्लास्टिक ( plastic Ban in bihar) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग चुका है। बिहार में प्लास्टिक के कप, प्लेट, थर्मोकोल से बने उत्पाद सहित सभी तरह के प्लास्टिक पर 14 दिसंबर की मध्य रात्रि से पूरी तरह से रोक लग चुका है। बिहार में सिंगल युज प्लास्टिक का प्रयोग करना अपराध माना जाएगा और इसके लिए सरकार ने सजा का प्रावधान किया है।

Plastic ban in bihar प्लास्टिक एवं थर्मोकोल से बने उत्पाद पर पूरी तरह से रोक

बिहार में थर्मोकोल से बने उत्पाद एवं सिंगल युज प्लास्टिक के निर्माण, खरीद विक्री, वितरण, परिवहन, एवं अन्य सभी चीजों में इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से पूरी तरह से रोक लग चुकी है। प्लास्टिक या थर्मोकोल से चम्मच, कप, प्लेट सहित पानी के पाउच, बैनर, पोस्टर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। बिहार में शादियों में बड़े पैमाने पर थर्मोकोल से बने प्लेट, कटोरी एवं प्लास्टिक एवं थर्मोकोल से बने ग्लास का इस्तेमाल किया जाता था जो पर्यावरण के लिए अनुकूल नहीं था।

घूम घूम कर पर्यावरण विभाग कर रही है प्रचार एवं प्रसार

पर्यावरण विभाग ने बिहार में सिंगल युज प्लास्टिक पर रोक की जानकारी मीडिया, टीवी एवं अन्य प्रचार के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा भी पर्यावरण विभाग द्वारा गाड़ी के द्वारा घूम घूम कर हर जिले में प्लास्टिक के उपयोग न करने की जानकारी दी जा रही है ताकि लोग प्लास्टिक का इस्तेमाल करने से बचे। सब्जी मंडी या अन्य छोटे मोटे सामान के लिए भी बिहार में लोग बड़े पैमाने पर प्लास्टिक का इस्तेमाल करते है, बिहार में पॉलीथीन पर पहले ही रोक लग चुकी थी लेकिन अभी भी इसका इस्तेमाल करते देखा जा सकता है। लेकिन इस बार सरकार और प्रशासन से कमर कस ली है और प्लास्टिक के उपयोग पर जेल सहित जुर्माना भी तय कर दिया है।

प्लास्टिक के इस्तेमाल पर होगी पांच साल की जेल

बिहार में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत प्लास्टिक या थर्मोकोल से बनी चीजों का इस्तेमाल सहित खरीद बिक्री करने पर धारा 15 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत एक लाख जुर्माना एवं पांच साल की जेल भी हो सकती है। इसके अलावा जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।

प्लास्टिक का इस्तेमाल करना पर्यावरण के लिए विनाशकारी

सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है। प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण पर इसका खराब असर तो पड़ता है। उपजाऊ मिट्टी भी बंजर हो जाती है। प्लास्टिक नदियों सहित जल को भी दूषित करता है। पशुओं के लिए भी प्लास्टिक हानिकारक होता है। लोग प्रायः प्लास्टिक का उपयोग कर के फेक देते हैं और इससे उपजाऊ मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है साथ साथ पेड़ पोधो के ग्रोथ पर भी असर पड़ता है। बिहार में जुट कि खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। प्लास्टिक के बदले जुट से बने कैरी बैग का इस्तेमाल कर सकते है जो पर्यावरण के लिए अनुकूल भी साबित होगा और प्लास्टिक वैन से स्वछता भी बनी रहेगी।

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